नई दिल्ली:
उपमुख्यमंत्री अजित पवार के एक बयान से महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है.उन्होंने मंगलवार को कहा कि बारामती में सुप्रिया सुले के खिलाफ अपनी पत्नी को उम्मीदवार बनाना उनकी गलती थी. उन्होंने कहा कि राजनीति को घर में नहीं घुसने देना चाहिए था.वो उन्हें अपनी सभी बहनें प्यारी हैं.उनके इस बयान को अपने चाचा शरद पवार के साथ सुलह की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.राज्य के राजनीतिक हलके में इस बात की चर्चा है कि क्या अजित पवार एक बार फिर अपने चाचा के पास लौटना चाहते हैं अजित पवार ने कहा क्या है
अजित पवार ने एक मीडिया हाउस से बातचीत की. इस दौरान उनसे पूछा गया था कि क्या बारामती में आपकी कोई प्यारी बहन है. इस सवाल पर अजित पवार ने कहा, ''राजनीति की जगह राजनीति है, लेकिन ये सभी मेरी प्यारी बहनें हैं. कई घरों में राजनीति चल रही है. लेकिन राजनीति को घर में घुसने नहीं देना चाहिए. हालांकि लोकसभा के दौरान मुझसे एक गलती हो गई थी. संसदीय बोर्ड ने सुनेत्रा पवार को मनोनीत करने का निर्णय लिया.एक बार तीर लगने के बाद उसे वापस नहीं लिया जा सकता. लेकिन मेरा दिल आज भी मुझसे कहता है कि ऐसा नहीं होना चाहिए था. अब तो उस फैसले को वापस नहीं लिया जा सकता.''जब उनसे यह पूछा गया कि क्या आप रक्षाबंधन पर सुप्रिया सुले के पास जाएंगे? इस सवाल पर अजित पवार ने कहा कि इस समय मैं राज्य के दौरे पर हूं.अगर मैं रक्षाबंधन के दौरान वहां रहता हूं तो निश्चित तौर पर जाऊंगा.
